गौठान मैदान में लगा बहुद्देशीय जनसमस्या समाधान शिविर
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा– जिले में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती प्रेमलता पदमाकर के मार्गदर्शन में सुशासन सप्ताह का आयोजन निरंतर प्रभावी रूप से किया जा रहा है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राज.) बेरला सुश्री दीप्ति वर्मा के नेतृत्व में अनुविभाग बेरला अंतर्गत बेरला के गौठान मैदान में एक महत्वपूर्ण बहुद्देशीय जनसेवा एवं जनसमस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की सहभागिता रही, जिन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएँ एवं आवेदन प्रस्तुत किए।
शिविर के दौरान राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा पृथक-पृथक स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नागरिकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा प्राप्त आवेदनों पर मौके पर ही कार्यवाही की गई। कई प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया, वहीं शेष मामलों को समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को अग्रेषित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाएँ, किसान कल्याण योजनाएँ, स्वास्थ्य बीमा, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राज.) सुश्री दीप्ति वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन सप्ताह का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गाँव में ही किया जा रहा है, जिससे समय एवं संसाधनों की बचत के साथ-साथ प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है।
सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह शिविर प्रशासन की जनहितैषी सोच, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्वपूर्ण शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण रहा, जिससे ग्रामीण नागरिकों में संतोष एवं विश्वास का सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ।
