दैनिक मूक पत्रिका रायगढ़ / पुसौर – स्वच्छ भारत मिशन और सार्वजनिक सुविधा के नाम पर सरकारी खजाने से खर्च किए गए लाखों रुपये की हकीकत पुसौर ब्लॉक के केशला ग्राम पंचयात के आश्रित ग्राम डुमरमुड़ा में शर्मनाक रूप से सामने आई है। केशला ग्राम पंचयात के आश्रित ग्राम डुमरमुड़ा मे 2020-2021 मे स्वीकृत हुई थी लेकिन पूर्व सरपंच व पूर्व सचिव की मिलीभगत से स्वच्छता भारत मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। यहां सामुदायिक शौचालय का आधा-अधूरा निर्माण कराकर जिम्मेदारों ने सरकारी धन का बंदर बांट कर लिया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले पंचवर्षीय में केशला के डुमरमुड़ा मे 3.50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 2 लाख 70 हजार की धनराशि खर्च करने के बाद भी शौचालय की केवल दीवार ही खड़ी की गई है। छत की ढलाई नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि अब निर्माणाधीन शौचालय की दीवारों पर झाड़ झंखाड़ उग आया है। समुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, लेकिन इसमें जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से ब्यापक पैमाने पर निर्माण कार्य मे अनियमितता बरती गई हैँ सामुदायिक शौचालय प्रकरण ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यह दृश्य न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलता है, बल्कि यह भी बताता है कि जिम्मेदार अधिकारी सरकारी संपत्ति के प्रति कितने संवेदनहीन हैँ
स्वच्छता के नाम पर दिखावा, जमीनी सच्चाई शर्मनाक
एक ओर सरकारें स्वच्छता का ढिंढोरा पीटती हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसी तस्वीरें सरकारी दावों को खोखला साबित कर रही हैं। जिम्मेदारो के द्वारा यदि समय रहते इस सामुदायिक शौचालय की ओर ध्यान दी गई होती तो आज यह सामुदायिक शौचालय जनता के काम आ रही होती, न कि सरकारी लापरवाही की कब्रगाह बनती।
जनपद पंचायत के अधिकारीयों, पूर्व सरपंच, पूर्व सचिव व उपअभियंता की मिलीभगत से डुमरमुड़ा सामुदायिक शौचालय का बंटाधार कर दिया गया
मौन हैं जिम्मेदार
सामुदायिक शौचालयों के संचालन के जिम्मेदार अधिकारी भी मौन हैं। खड़हर पड़े इन सामुदायिक शौचालयों के बारे में पूछा जाता है तो वह मौन हो जाते हैं। सोचने योग्य बातें यह है कि आज तक पूर्व सरपंच, व पूर्व सचिव को जनपद पंचायत के अधिकारियों के द्वारा आज तक लिखित रूप में रिकवरी संबंधी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है
ग्रामीणों का आरोप=
सामुदायिक शौचालय की शिकायत कई बार ग्रामीणो द्वारा निर्माण कार्य के समय एवं वर्तमान में कई बार की जा चुकी लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यवाही करने के नाम पर बचते नजर आ रहे है। शिकायत पर कार्यवाही ना होना सम्बंधित अधिकारियों की भी मिली भगत नजर आ रही है। जिसके चलते अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके चलते ग्राम पंचायत में किये गए निर्माण कार्यों में जमकर भस्ट्राचार नजर आ रहा है। विकास कार्यों के नाम पर शासन की योजनॉए में जम कर भ्रस्ट्राचार देखा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने लाखो रुपए खर्च कर पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा था हैं लेकिन पूर्व सरपंच का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी आज तक सामुदायिक शौचालय बनाकर तैयार नहीं हो पाया हैं तब से लेकर आज शौच की समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिसको लेकर ग्रामीण बार बार पंचायत सचिव से जबाव सवाल कर रहे थे लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिल पाया है।
