जन-समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरण, बैहरसरी में आयोजित समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब ग्रामवासियों की मांग पर तालाब में पथरी निर्माण हेतु 6 लाख रुपये की घोषणा
जन-समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरण, बैहरसरी में आयोजित समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब ग्रामवासियों की मांग पर तालाब में पथरी निर्माण हेतु 6 लाख रुपये की घोषणा
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल की अगुवाई में विकासखंड नवागढ़ के ग्राम पंचायत बैहरसरी में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनमें से अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें तरक्की के अवसर उपलब्ध कराना शासन की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार का संकल्प है।
मंत्री बघेल ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

समावेशी विकास और जनकल्याण पर विशेष जोर
मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार, किसानों की आय वृद्धि तथा कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके और शासन की योजनाओं का प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने तथा प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उन योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।
जन-सुनवाई में समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
समाधान शिविर के दौरान मंत्री बघेल ने स्वयं ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेयजल, सड़क, पेंशन तथा विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कई प्रकरणों का निराकरण मौके पर ही किया गया, जिससे ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।
जन-सेवा को मिली प्राथमिकता, विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित
शिविर में ग्रामवासियों की मांग पर तालाब में पथरी निर्माण कार्य हेतु 6 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया गया। शिविर में 3 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, 4 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका, 6 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 4 हितग्राहियों को निक्षय पोषण किट तथा 7 बालिकाओं को नोनी सुरक्षा योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त अनेक नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र, पंजीयन एवं अन्य सेवाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
शासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बने समाधान शिविर
समाधान शिविरों के माध्यम से शासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक प्रभावी मंच मिल रहा है, वहीं प्रशासन को भी जमीनी स्तर की आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इससे शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पारदर्शी प्रशासन को नई मजबूती मिल रही है।
विभागीय स्टॉलों में मिली योजनाओं की विस्तृत जानकारी
शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में नागरिकों को सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक आवेदन भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमा दिवाकर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अजय साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण जनसहभागिता, जनसेवा और विकास के संकल्प से ओतप्रोत रहा।
