RSETI का प्रशिक्षण शुरू ; ईंट की चिनाई, मसाला तैयार करने से लेकर लेवल-माप और भवन निर्माण की तकनीक सिखाई जा रही
बीजापुर। ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार की राह अब हुनर से होकर निकलेगी। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के ग्राम पंचायत अंबेली में RSETI के माध्यम से 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रशिक्षण में युवाओं को भवन निर्माण की तकनीकी जानकारी के साथ व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे गांव और आसपास के क्षेत्रों में राजमिस्त्री का काम कर सकें या अपना काम शुरू कर सकें।
ईंट की चिनाई से लेवल-माप तक सीख रहे काम
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ईंट की चिनाई, मसाला तैयार करने, दीवार निर्माण, सही लेवल और माप लेने की तकनीक सिखाई जा रही है। निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री और औजारों के सही इस्तेमाल के साथ काम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है। सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी के बजाय व्यावहारिक अभ्यास पर जोर दिया जा रहा है। इससे प्रतिभागी भवन निर्माण की बारीकियों को मौके पर समझकर काम में दक्षता हासिल कर सकेंगे।

PMAY-G के मकानों की गुणवत्ता पर भी फोकस
प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बनने वाले मकानों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ आवास निर्माण की तकनीक और जरूरी मानकों की जानकारी दी जा रही है।
गांव में ही काम मिलने की उम्मीद
30 दिन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं के लिए राजमिस्त्री के रूप में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्थानीय स्तर पर कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण का काम भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को केवल एक काम सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें हुनर के जरिए अपनी आजीविका मजबूत करने का अवसर देना है।
30 दिन के प्रशिक्षण में क्या सीखेंगे युवा ?
- ईंट की चिनाई और दीवार निर्माण
- मसाला तैयार करने की तकनीक
- लेवल और माप लेने का सही तरीका
- निर्माण सामग्री व औजारों का उपयोग
- भवन निर्माण में जरूरी सावधानियां
- PMAY-G के तहत मजबूत और टिकाऊ आवास निर्माण के मानक
