रायपुर – राजधानी में होटल, बार और रेस्टोरेंट की आड़ में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस अब और सख्ती के मूड में है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रायपुर कमिश्नरेट के डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल ने शुक्रवार को सिविल लाइन और तेलीबांधा क्षेत्र के होटल एवं बार संचालकों की बैठक लेकर साफ शब्दों में नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। पुलिस ने दो टूक कहा है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रतिष्ठान खुले मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
सी-4 सिविल लाइन में आयोजित बैठक में एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी सिविल लाइन, डीएसपी रमाकांत साहू और संबंधित थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस होटल-बार परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने पर रहा।
गेस्ट की ID और मोबाइल नंबर बिना कमरा नहीं
होटल संचालकों को सबसे अहम निर्देश गेस्ट की पहचान को लेकर दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कमरा आवंटित करने से पहले हर गेस्ट का वैध पहचान पत्र और मोबाइल नंबर रिकॉर्ड करना अनिवार्य होगा। इन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराया जा सके।
वहीं किसी विदेशी नागरिक या विदेशी मेहमान के होटल में ठहरने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित थाना पुलिस को सूचना देना भी अनिवार्य किया गया है।
समय सीमा के बाद बार खुला तो पुलिस की नजर
डीसीपी ने होटल और बार संचालकों को निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। समय खत्म होने के बाद बार या रेस्टोरेंट खुले रखने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। बिना वैध बार लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों में शराब परोसने या शराब का सेवन कराने पर भी सख्त रोक रहेगी।
इसके साथ ही हुक्का और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन को पूरी तरह प्रतिबंधित रखने तथा बार में नाबालिगों के प्रवेश पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
CCTV बंद मिला तो बढ़ेगी मुश्किल
होटल, बार और स्टोरेज एरिया में लगे CCTV कैमरों को हर समय चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी अनिवार्य होगा। किसी घटना की जांच के दौरान पुलिस द्वारा रिकॉर्डिंग मांगे जाने पर उसे उपलब्ध कराना होगा।
पुलिस ने यह भी साफ किया कि होटल या बार परिसर का इस्तेमाल देह व्यापार जैसी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। संचालकों को अपने प्रतिष्ठान में होने वाली गतिविधियों पर खुद भी प्रभावी निगरानी रखने को कहा गया है।
सड़क पर पार्किंग और विवादित आयोजन पर भी रोक
पुलिस ने आम रास्ते और सार्वजनिक मार्ग पर वाहन खड़े कराने से बचने तथा प्रतिष्ठानों में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ऐसे गाने, म्यूजिक या आयोजन से भी बचने को कहा गया है, जिससे विवाद या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति बने।
यदि किसी होटल या बार में सेलिब्रिटी अथवा किसी विशिष्ट व्यक्ति को बुलाकर विशेष आयोजन किया जाना है, तो पुलिस को आवश्यक सूचना देने और निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
झगड़ा हुआ तो 112 पर तुरंत कॉल
होटल-बार परिसर में विवाद, मारपीट या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही डायल-112 और संबंधित थाना पुलिस को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा फायर सेफ्टी मानकों का पालन, अग्निशमन उपकरणों को चालू हालत में रखना और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
पुलिस ने संचालकों से साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। होटल और बार संचालकों को भी अपने प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा और पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखना होगा।
कुल मिलाकर राजधानी के होटल और बार संचालकों को पुलिस ने स्पष्ट संदेश दे दिया है—नियमों की अनदेखी अब आसानी से नहीं चलेगी। निर्धारित समय, गेस्ट की पहचान, CCTV, नाबालिगों की एंट्री, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा मानकों को लेकर पुलिस की निगरानी आगे भी जारी रहेगी।
