
कांकेर। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर ने नकटी गांव में शासन–प्रशासन द्वारा स्थानीय ग्रामीणों के घरों को तोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक एवं संवेदनशील बताया है। संगठन का कहना है कि इस कार्रवाई से अनेक परिवारों के सामने आवास, आजीविका, बच्चों की शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
संगठन का कहना है कि वर्षा ऋतु के दौरान लोगों के आशियाने को तोड़ना प्रभावित परिवारों के लिए अत्यधिक कष्टदायक स्थिति पैदा करता है। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनाओं, पुनर्वास की व्यवस्था तथा प्रभावित लोगों के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को उनके घरों से हटाया जाना उचित नहीं माना जा सकता।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग का कहना है कि यदि विधायकों के लिए नई कॉलोनी निर्माण की आवश्यकता है, तो शासन को ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए जहाँ किसी गरीब, ग्रामीण अथवा आदिवासी परिवार को अपने घर से विस्थापित न होना पड़े। संगठन का मत है कि नया रायपुर क्षेत्र में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने की बात सामने आती रही है, ऐसे में सरकार को सभी संभावित विकल्पों पर विचार करते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और किसी नागरिक का आशियाना भी न उजड़े।
संगठन ने यह भी कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों, सम्मानजनक जीवन तथा मानवीय गरिमा का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान संवाद, न्यायसंगत प्रक्रिया तथा उचित पुनर्वास के माध्यम से किया जाना चाहिए।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर ने नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीणों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले पर संवेदनशीलता के साथ पुनर्विचार किया जाए, प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास एवं वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यदि आवश्यक हो तो कॉलोनी निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। यह प्रेस विज्ञप्ति सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर के जिला मीडिया प्रभारी अजय जुर्री द्वारा जारी की गई।
