नवागढ़ विधानसभा में बाल विवाह व मानव तस्करी के विरुद्ध सशक्त संदेश
दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा– जिला बेमेतरा के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में बीते बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, बेमेतरा (छत्तीसगढ़) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ” अभियान को सुदृढ़ करना, महिलाओं एवं बच्चों के अनैतिक व्यापार/मानव तस्करी की रोकथाम करना तथा “बाल विवाह मुक्त बेमेतरा” की दिशा में समाज को जागरूक और संगठित करना रहा। इस अवसर पर दयाल दास बघेल, मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह, मानव तस्करी एवं महिलाओं-बच्चों के शोषण के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।

खाद्य मंत्री मंत्री बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त वातावरण मिले। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह या मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति सजग रहें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर सूचना मिलने से इन अनैतिक कृत्यों को रोका जा सकता है और कई मासूम जिंदगियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमुदाय से यह भी अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह या मानव तस्करी की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना अवश्य दें। यह नागरिक सहभागिता ही समाज को सुरक्षित और संवेदनशील बनाने की सबसे बड़ी ताकत है। इस कार्यक्रम में मंत्री के साथ विकासखंड स्तरीय जनप्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं मिशन शक्ति/सशक्तिकरण हब की टीम उपस्थित रही। साथ ही नवागढ़, नांदघाट, खंडसरा एवं बेमेतरा के परियोजना अधिकारी/प्रभारी परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने बाल विवाह एवं मानव तस्करी के उन्मूलन हेतु निरंतर जागरूकता और सहयोग का संकल्प लिया। यह आयोजन जिले में महिला एवं बाल संरक्षण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायी पहल के रूप में सराहा गया।
