छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में ‘वॉश एंड वॉश’ यानी ब्लैक करेंसी स्कैम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर पुलिस ने एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में दर्ज करोड़ों की ठगी के मामले में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या अब 11 हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों—कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय, दीपिका पॉलीवाल, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, विवेक सिंह, शुभम पांडेय, योगेन्द्र चौहान और बालमुकुंद दीक्षित को गिरफ्तार किया जा चुका था।
4 करोड़ से ज्यादा कैश ने खोला ठगी के खेल का राज
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी बरामद की थी। इसके अलावा 20 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, नोट के आकार का काला पेपर, कांच की प्लेट्स और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। पुलिस ने जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 4 करोड़ 2 लाख रुपये बताई है।
ब्लैक करेंसी स्कैम में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के साथ जब्त मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल सामग्री का तकनीकी परीक्षण और विश्लेषण भी किया गया।
मोबाइल की जांच से सामने आए दो नए नाम
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के आपसी संपर्क और डिजिटल गतिविधियों से महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी विश्लेषण में रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह और दीपक सिंह की कथित संलिप्तता से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और तकनीकी निगरानी के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस की।
लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद संयुक्त पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं, गिरोह के नेटवर्क और उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की गई।
मुंबई-पालघर तक फैला कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपियों में रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह (39) निवासी रुस्तम जी ग्लोबल सिटी, विरार वेस्ट, जिला पालघर, मुंबई तथा दीपक सिंह (46) निवासी रोज गार्डन बिल्डिंग, मीरा रोड, थाना काशीमीरा, जिला पालघर, मुंबई शामिल हैं।
पुलिस की लगातार कार्रवाई से साफ है कि मामला केवल रायपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार महाराष्ट्र के पालघर और मुंबई क्षेत्र तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
तेलीबांधा के इस करोड़ों के ठगी कांड में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी और 4 करोड़ से अधिक की बरामदगी ने ‘ब्लैक करेंसी’ के नाम पर चल रहे इस फर्जीवाड़े की गंभीरता उजागर कर दी है। पुलिस की तकनीकी जांच से सामने आए नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब इस गिरोह के और राज खुलने की संभावना है।
