दैनिक मूक पत्रिका रायपुर – मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन का नया आदेश जारी किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंजूरी के बाद जारी इस आदेश में सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारियों के साथ-साथ संभागवार निगरानी का दायित्व भी सौंपा गया है। हाल के महीनों में सचिवालय में हुए बदलावों के बाद यह नई प्रशासनिक संरचना तैयार की गई है, जिसे सरकार के सुशासन और बेहतर मॉनिटरिंग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

नए आदेश के अनुसार प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव और ज्वाइंट सचिव स्तर के अधिकारियों के बीच विभागों का पुनर्वितरण किया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि किस अधिकारी के माध्यम से विभिन्न विभागों की फाइलें मुख्यमंत्री तक पहुंचेंगी और कौन अधिकारी प्रदेश के किस संभाग में संचालित योजनाओं एवं प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी करेगा।
सुबोध कुमार सिंह बने सचिवालय के कमांड सेंटर के प्रमुख
मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पास राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल सचिवालय, उच्च न्यायालय, मंत्रिपरिषद समन्वय, संवेदनशील नियुक्तियां, विशेष परियोजनाएं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसे अहम विषय रहेंगे।
इसके अलावा सामान्य प्रशासन, वित्त, खनिज साधन, विधि एवं विधायी कार्य, वाणिज्य एवं उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभागों का समन्वय भी उनके स्तर पर होगा। मुख्यमंत्री सचिवालय की अधिकांश महत्वपूर्ण फाइलों का अंतिम समन्वय भी वही करेंगे।
मुकेश कुमार बंसल को घोषणाओं और जनहित योजनाओं की जिम्मेदारी
सचिव मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा एवं उनके क्रियान्वयन की निगरानी का दायित्व दिया गया है। उनके पास कृषि, सहकारिता, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ऊर्जा, वन एवं जलवायु परिवर्तन, आबकारी तथा जनसंपर्क विभाग भी रहेंगे।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के साथ उन्हें रायपुर संभाग की प्रशासनिक गतिविधियों और विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

पी. दयानंद संभालेंगे स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर
सचिव पी. दयानंद को लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष एवं मुख्यमंत्री विवेकाधीन निधि का संचालन भी उनके जिम्मे रहेगा।
इसके अलावा उन्हें बिलासपुर संभाग में प्रमुख योजनाओं एवं प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है।
राहुल भगत के पास कानून व्यवस्था और सामाजिक सरोकार
आईपीएस अधिकारी राहुल भगत को गृह विभाग सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में गृह, जेल, परिवहन, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति विकास, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग शामिल किए गए हैं।
उन्हें सरगुजा संभाग में कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है।
रजत बंसल को शिक्षा, पंचायत और सुशासन तिहार की कमान
विशेष सचिव रजत बंसल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आयुष, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा उन्हें सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार संबंधी मामलों तथा बस्तर संभाग की निगरानी का विशेष दायित्व दिया गया है।
प्रभात मलिक देखेंगे राजस्व, पुलिस और नगरीय प्रशासन
ज्वाइंट सचिव प्रभात मलिक को सीधे फील्ड प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। उनके पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुलिस, श्रम, नगरीय प्रशासन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, योजना एवं सांख्यिकी तथा जन शिकायत निवारण विभाग रहेंगे।
मुख्यमंत्री जनदर्शन और मुख्यमंत्री के दौरों के समन्वय की विशेष जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है। साथ ही वे दुर्ग संभाग की प्रशासनिक गतिविधियों और योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे।

सुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की कवायद
मुख्यमंत्री सचिवालय में जारी यह नया कार्य विभाजन केवल विभागों के बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश के सभी संभागों पर सीधे सचिवालय स्तर से निगरानी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और मुख्यमंत्री कार्यालय तक सूचनाओं एवं निर्णय प्रक्रिया का प्रवाह अधिक प्रभावी बनेगा। यह बदलाव आने वाले समय में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
