दैनिक मूक पत्रिका रायगढ़ – बिजली विभाग के कर्मचारियों के द्वारा बिजली बकायादारो से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है बिजली विभाग छोटे बकायेदारों (जिनका बिल कम है) का कनेक्शन जल्दी काट देता है, जबकि बड़े बकायेदारों (ज्यादा बिल वाले) के साथ नरमी बरती जाती है या उन्हें ‘चांदी’ मिलती है, यानी कुछ छूट/राहत दी जाती है, जो अक्सर सरकारी योजनाओं चल रही बिजली बिल माफी योजना के तहत होता है, जहाँ बड़े बकायेदारों को पूरा ब्याज माफ करके या कुछ प्रतिशत छूट देकर बिल सेटल करने का मौका मिलता है, जबकि छोटे लोग नियम से कटवाते हैं। यह आमतौर पर बिजली विभाग की वसूली नीति और सरकारी ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजनाओं का परिणाम होता है, जहाँ सरकार बड़े बकाये को वसूलने के लिए रियायत देती है, जिसे बिजली विभाग के द्वारा आम आदमी भेदभाव किया जा रहा है ।
बिजली बिल बकाया होने पर उपभोक्ता के घर-दुकान का कनेक्शन काटने वाले बिजली अफसर नियम का उल्लघंन करते हैं। उपभोक्ता को बिना 15 दिन की पूर्व सूचना दिए ही उनके बिजली कनेक्शन को नहीं काटा जा सकता है। यह नियम राज्य सरकार के विद्युत अधिनियम 2021 में दर्ज है। इसके बावजूद अफसर वसूली के दबाव में इस आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। दिन-रात किसी भी वक्त बिजली की सप्लाई को काटा जा रहा है। यहां तक कि कुर्की तक की कार्रवाई की जा रही है। इधर, अफसरों का दावा है कि बिजली बिल 15 दिन पूर्व जारी किया जाता है, एक तरह से यही नोटिस होता है।
