दैनिक मूक पत्रिका रायपुर – राजधानी के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध पार्सल से भारी मात्रा में नगदी बरामद होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई करते हुए कुल 16 लाख रुपये जब्त किए हैं। मामले में अब आयकर विभाग को भी सूचित कर दिया गया है और पैसों के असली मालिक की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 06 मई 2026 को न्यू राजेन्द्र नगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि अशोका मिलेनियम प्लाजा स्थित हंस ट्रेवल्स से कोलकाता से दिल्ली भेजे जा रहे एक पार्सल में संदिग्ध वस्तु हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) श्री संदीप पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दबिश देकर किया खुलासा
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी न्यू राजेन्द्र नगर ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर हंस ट्रेवल्स कार्यालय में दबिश दी। तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।
पुलिस को वहां तीन सफेद रंग के बोरों में भरी भारी मात्रा में नगदी मिली। जब गिनती की गई, तो पता चला कि:
20 रुपये के नोटों की 400 गड्डी
10 रुपये के नोटों की 800 गड्डी
इन सभी को मिलाकर कुल रकम 16,00,000 रुपये निकली।
क्यों है मामला संदिग्ध?
इतनी बड़ी मात्रा में छोटे नोटों में नगदी का परिवहन होना कई सवाल खड़े करता है। आमतौर पर इस तरह की रकम का उपयोग अवैध लेन-देन, टैक्स चोरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में होने की आशंका रहती है। यही कारण है कि पुलिस ने इसे संदिग्ध मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग को भेज दी है ताकि आर्थिक एंगल से भी जांच की जा सके। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह रकम किसकी है, कहां से आई और किस उद्देश्य से भेजी जा रही थी।

कानूनी कार्रवाई शुरू
मामले में थाना न्यू राजेन्द्र नगर में धारा 106 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब पार्सल बुक कराने वाले व्यक्ति, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि यह रकम अवैध गतिविधियों से जुड़ी पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सवाल यही है:इतनी बड़ी रकम आखिर किसकी है और इसे इस तरह छिपाकर क्यों भेजा जा रहा था?
