मूक पत्रिका रायगढ़ = थाना कोतरारोड़ पुलिस ने ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर उसे बेच देने के धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी ने फर्जी नाम एवं पहचान का इस्तेमाल कर वाहन स्वामी को विश्वास में लेकर ट्रेलर वाहन हासिल किया और बाद में उसे बेचकर रकम का गबन कर लिया।
प्रार्थी हरदीप सिंह निवासी गोरखा, थाना कोतरारोड़ द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि लगभग दो वर्ष पूर्व उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का कॉल आया जिसने स्वयं को राकेश डनसेना बताते हुए ट्रेलर वाहन किराये पर लेने की इच्छा जताई। बातचीत एवं मुलाकात के बाद वाहन का मासिक किराया 80,000 रुपये तय हुआ तथा दिनांक 07.11.2024 को किरायानामा निष्पादित किया गया। आरोपी द्वारा एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी अमानत स्वरूप दिया गया, जिसमें हस्ताक्षर के स्थान पर राकेश लिखा गया था। वाहन प्राप्त करने के कुछ दिनों बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया तथा न तो वाहन का किराया दिया गया और न ही वाहन वापस किया गया।
प्रार्थी द्वारा स्वयं की गई पड़ताल में पता चला कि जिस व्यक्ति ने अपना नाम राकेश डनसेना बताया था उसका वास्तविक नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू निवासी ग्राम गहलोई, थाना पुसौर है तथा बैंक खाता भी उसी के नाम पर संचालित है। इस प्रकार आरोपी द्वारा फर्जी नाम-पते का उपयोग कर वाहन किराये पर लेकर धोखाधड़ी किए जाने पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 184/2026 धारा 318(4), 319, 336(3) एवं 340(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आने पर थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। थाना प्रभारी द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया तथा आरोपी की लगातार पतासाजी की गई। जांच के दौरान आरोपी के गांव में पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि सुदामा प्रधान पूर्व में भी कई व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।
कल कोतरारोड़ एवं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की गई। आरोपी के मेमोरेंडम कथन में उसने बताया कि वह बी.ए. तक शिक्षित है तथा चालक पवन सिंह, राजवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह एवं हरदीप सिंह को विगत पांच-छह वर्षों से जानता है। सभी लोग एनटीपीसी लारा में ट्रेलर वाहनों का संचालन करते थे। आरोपी ने खुलासा किया कि वर्ष 2024 में उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह की ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर बेच देने की योजना बनाई थी।
योजनानुसार गुरप्रीत सिंह ने हरदीप सिंह को एनटीपीसी में वाहन चलाने के नाम पर वाहन किराये पर देने के लिए तैयार किया। आरोपी सुदामा प्रधान ने स्वयं को राकेश डनसेना बताकर हरदीप सिंह से संपर्क किया तथा प्रतिमाह 80,000 रुपये किराया तय किया। विश्वास अर्जित करने के उद्देश्य से दिनांक 07.11.2024 को राकेश डनसेना पिता बाबूलाल डनसेना निवासी छपोरा, तहसील पुसौर के नाम से 50 रुपये के स्टाम्प पर फर्जी किरायानामा तैयार किया गया तथा एचडीएफसी बैंक का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक प्रार्थी को दिया गया। इसके पश्चात गोरखा स्थित पार्किंग से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी 15 एसी 4476 को लेकर आरोपी एवं उसका साथी रायपुर चले गए।
