दैनिक मूक पत्रिका रायगढ़ – बड़े पुलों का निर्माण करने के लिए पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग टेंडर जारी करता है। इन दिनों विभाग एक ही ठेकेदार के चंगुल में फंसा हुआ है। पुलों का निर्माण समय पर पूरा नहीं करने वाले ठेकेदार ने अब बैलेंस वर्क के लिए भी सेटिंग की है। सांठगांठ ऐसी है कि किसी भी दूसरे ठेकेदार ने बचे हुए कामों के लिए रेट ही नहीं डाले। सेतु विभाग में किसी भी अफसर से ज्यादा एक ठेकेदार की मर्जी चलती है। उसको कोई ठेका मिलता है तो वह समय पर पूरा नहीं करता। ठेकेदार को एक्सटेंशन देने में विभाग मेहरबान होता है। यही नहीं टेंडर निरस्त होने के बावजूद बैलेंस वर्क किसी दूसरे को नहीं लेने दिया जाता। पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग में ठेकेदार बिशंभर दयाल अग्रवाल को पांच पुलों का ठेका मिला था। सभी ठेके स्वीकृति से 15-20 प्रश बिलो में लिए गए थे। काम पूरा करने की तिथि गुजर गई लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। धरमजयगढ़ में रायमेर से ससकोबा मांड नदी पर 6.27 करोड़ में पुल बनाने का ठेका बिशंभर दयाल ने लिया था।
27 जुलाई 2022 को काम पूरा किया जाना था। काम पूरा नहीं हुआ तो टेंडर निरस्त कर दिया गया। 3 दिसंबर 2025 को विभाग ने बैलेंस 70 प्रश वर्क के लिए टेंडर लगाया जिसकी अंतिम तारीख 19 दिसंबर थी। लेकिन एक भी ठेकेदार ने निविदा नहीं डाली। खरसिया में तुरेकेला से तिउर के बीच सपनई नाले में 4.49 करोड़ की लागत से पुल बनाया जाना था जो 7 जनवरी 2023 तक पूरा किया जाना था। यह काम भी अधूरा ही है। इसका एग्रीमेंट निरस्त कर दिया गया और बाकी काम के लिए टेंडर लगाया गया था। इसमें भी कोई ठेकेदार नहीं पहुंचा। मिली जानकारी के मुताबिक विभाग में सांठगांठ के कारण निविदा प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दूसरे किसी ठेकेदार को टेंडर डालने से मना किया जा रहा है। पांच सालों तक विभाग छोटे-छोटे पुल भी नहीं बनवा पा रहा है।
और भी कई काम जो नहीं हुए पूरे
विशंभर दयाल अग्रवाल को रायगढ़ जिले में सेतु विभाग के 80 प्रश काम मिले हैं। उसने तेंदुमुड़ी से बेहरामुड़ा धरमजयगढ़ तक 22.63 प्रश बिलो में 6.99 करोड़ में कुरकुट नदी में पुल बनाने का ठेका लिया था। काम 5 फरवरी 2022 तक पूरा हो जाना था। 85 प्रश काम पूरा होने के कारण यह एग्रीमेंट पुनर्जीवित किया गया लेकिन पूरा नहीं हुआ। नरकालो बायसी मार्ग पर मांड नदी में 10.57 करोड़ की लागत से पुल बनना था जिसकी डेडलाइन 13 अप्रैल 2023 थी। यह काम भी 42 प्रश ही पूरा हो सका। इसका एग्रीमेंट भी निरस्त कर दिया गया है। री-टेंडर का पता नहीं है। बरमकेला के बड़े नवापारा में किंकारी नाला पर पुल निर्माण 9.63 करोड़ की लागत से किया जाना था। 23 जनवरी 2023 तक काम पूरा होना था। 75 प्रश काम पूरा करने के बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। यहां मिट्टी भी खराब गुणवत्ता की डाली गई।
कलेक्टर ने लगाई थी डांट
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सेतु विभाग के लंबित कार्यों की समीक्षा की थी। इसमें काम अधूरे पाए जाने पर ठेकेदार को तलब किया था। उन्होंने समय पर काम पूरा नहीं करने के कारण ठेकेदार को डांट भी लगाई थी। विभागीय अधिकारियों को भी काम पूरा नहीं करवा पाने पर फटकार मिली है। विशंभर दयाल ने बड़े नवापारा पुल को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। अदालत ने याचिका खारिज कर दी है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है।
क्या कहते हैं संतोष भगत, ईई, सेतु पीडब्ल्यूडी
बैलेंस वर्क के लिए टेंडर लगाए गए थे लेकिन कोई ठेकेदार नहीं आया। मुख्यालय से जैसा आदेश होगा करेंगे।
