
बीजापुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 196वीं बटालियन ने सोमवार को महादेव घाटी स्थित मुख्यालय में 88वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि, क्वार्टर गार्ड सलामी, सैनिक सम्मेलन, वृक्षारोपण, खेलकूद प्रतियोगिताओं और सामूहिक भोज सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह की अध्यक्षता द्वितीय कमान अधिकारी दिनेश ने की। कार्यक्रम में उप कमांडेंट गुलशन तिर्की, चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम नितिन पवार सहित अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद क्वार्टर गार्ड पर सलामी समारोह हुआ, जिसमें स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न पदकों से सम्मानित सीआरपीएफ कर्मियों के नाम पढ़कर सुनाए गए। सैनिक सम्मेलन में अधिकारियों और जवानों को सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की परंपराओं की जानकारी दी गई।
कैंप परिसर में हुआ वृक्षारोपण, खेल प्रतियोगिताओं में दिखा जोश
स्थापना दिवस के अवसर पर कैंप परिसर के बाहर औषधीय और फलदार पौधों का रोपण किया गया। वहीं जवानों में शारीरिक दक्षता और टीम भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।
कमांडेंट कुमार मनीष को नई दिल्ली में मिला सम्मान
समारोह के दौरान यह जानकारी भी साझा की गई कि 196वीं बटालियन के कमांडेंट कुमार मनीष को नई दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ एफओबी के लिए सम्मानित किया गया है। इसे बटालियन की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
बटालियन की सभी कंपनियों में भी हुए आयोजन
महादेव घाटी मुख्यालय के अलावा बटालियन की सभी कंपनियों में भी स्थापना दिवस मनाया गया। ए/196 नाम्बी में सहायक कमांडेंट हरीश कुमार, जी/196 पुजारीकांकेर में निरीक्षक प्रफुल्ल सरानिया, बी/196 ताड़पाला घाटी में द्वितीय कमान अधिकारी गोपाल सिंह बुनकर के नेतृत्व में कार्यक्रम हुए। यहां उप कमांडेंट कुणाल किशोर और सहायक कमांडेंट तरुण कुमार मीणा भी मौजूद रहे। इसके अलावा एफ/196 ताड़पाला में सहायक कमांडेंट विनोद कुमार, डी/196 कठुआ (जम्मू-कश्मीर) में निरीक्षक रजनीकांत रावत तथा सी/196 ईस्ट यमुना पार (दिल्ली) में सहायक कमांडेंट अनिल कुमार के नेतृत्व में भी स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सामूहिक भोज के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों और जवानों के लिए बड़े खाने का आयोजन किया गया। सभी ने एक साथ भोजन कर संगठन में आपसी भाईचारे, एकता और समर्पण की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। आयोजन का उद्देश्य सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास, शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और संगठन की उत्कृष्ट परंपराओं को स्मरण करते हुए जवानों में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और संगठनात्मक एकता की भावना को और सुदृढ़ करना रहा।
