14 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने दी सलामी, दुर्गम रास्तों को पार कर पहुंचे भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा
बीजापुर। जिले के सुदूर मोसला गांव में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन इस बार इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। कभी नक्सलवाद के प्रभाव में रहे इस गांव में आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया। मोसला पहुंचने के लिए टिकरिहा को दुर्गम रास्तों, कीचड़ और तेज बहाव वाले नालों को पार करना पड़ा।
तिरंगा फहरते ही गांव देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मोसला के 14 आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हुए और उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कभी नक्सल प्रभाव के चलते राष्ट्रीय पर्व के आयोजन से दूर रहे इस गांव में तिरंगे का फहराया जाना बदले हालात की तस्वीर के रूप में सामने आया।
ग्रामीणों और बच्चों में दिखा उत्साह
ध्वजारोहण के दौरान ग्रामीणों और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। गांव में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराए जाने को लेकर लोगों ने इसे गौरव का क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारे लगाए गए।

तीन जिलों के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा
इस वर्ष बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के 92 ऐसे गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जहां आजादी के बाद से तिरंगा नहीं फहराया गया था। मोसला में हुआ ध्वजारोहण भी इसी पहल का हिस्सा रहा। नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में बदलते माहौल के बीच यह आयोजन शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर सामने लाता नजर आया
– राहुल योगराज टिकरिहा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो
आत्मसमर्पित नक्सलियों ने दी तिरंगे को सलामी
मोसला में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में 14 आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देकर देश के साथ जुड़ने का संदेश दिया। नक्सल प्रभाव वाले गांव में यह तस्वीर कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
नाले पार कर पहुंचे टिकरिहा
मोसला तक पहुंचने का रास्ता चुनौतीपूर्ण था। दुर्गम रास्तों के साथ जगह-जगह कीचड़ और तेज बहाव वाले नाले मिले। इन चुनौतियों को पार कर राहुल योगराज टिकरिहा गांव पहुंचे और ग्रामीणों व बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया।




