ग्रामीणों ने विधायक से की शिकायत, जॉन डियर संचालक व मैनेजर के खिलाफ एफआईआर और राशि लौटाने की मांग
बीजापुर। ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपए लिए जाने और राशि वापस नहीं लौटाने का मामला सामने आया है। गंगालूर तहसील क्षेत्र के कावड़गांव, हिरोली, मेटापाल, गंगालूर, पुसनार सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने शिवम् ट्रैक्टर (जॉन डियर), जीएडी कॉलोनी बीजापुर के मैनेजर माधव मंडल पर करीब 15 लाख 73 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि फाइनेंस कराने के नाम पर उनसे रकम ली गई, लेकिन न तो ट्रैक्टर फाइनेंस हुआ और न ही राशि वापस की गई।
ग्रामीणों ने मामले को लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जॉन डियर के मालिक और मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराने तथा कथित रूप से ली गई राशि वापस दिलाने की मांग की गई है।
किससे कितनी राशि लेने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार मेटापाल के भीमा कुंजाम से 1.60 लाख, दिनेश पुनेम से 1.50 लाख, जगत कुंजाम से 1.50 लाख, सामूराम कुंजाम से 1.45 लाख और संजू कुंजाम से 80 हजार रुपए लिए गए। वहीं गंगालूर के पोदया पोटाम व संजू हेमला से एक-एक लाख, पुसनार के जग्गू पोटाम से 1.50 लाख, हिरोली के मंगल कारम से 90 हजार तथा कावड़गांव के सुक्का पुनेम से 68 हजार, दुला पुनेम से 1.10 लाख, लखमा पुनेम से 1 लाख, छोटू पुनेम से 1 लाख, सुखराम पुनेम से 50 हजार और मंगल पुनेम से 20 हजार रुपए लिए जाने का आरोप है।

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित मैनेजर अब फोन रिसीव नहीं कर रहा है और कथित तौर पर ली गई रकम वापस नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने एसपी को लिखा पत्र
शिकायत मिलने के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने मामले को गंभीर बताते हुए शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को फाइनेंस के नाम पर ठगी का शिकार बनाना गंभीर मामला है। विधायक ने ग्रामीणों की मांग के अनुरूप पुलिस अधीक्षक बीजापुर को पत्र लिखकर जॉन डियर के मालिक एवं मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने ग्रामीणों से भी अपील की कि फाइनेंस कंपनी या किसी संस्था के नाम पर गांव में आने वाले लोगों की पूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही किसी को राशि दें।

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर फाइनेंस के भरोसे उन्होंने अपनी जमा पूंजी दी थी। अब राशि वापस नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
