मूक पत्रिका रायपुर – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और शराब घोटाले से जुड़े मामले में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे रामगोपाल अग्रवाल को फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की मांग पर रायपुर की विशेष अदालत ने उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान EOW ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को रामगोपाल अग्रवाल को कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान EOW ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि तथा दस्तावेजों के संबंध में आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है। जांच एजेंसी ने अदालत से पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग की।
EOW का कहना है कि कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के साथ कथित संबंधों की कड़ियां जोड़ने के लिए रामगोपाल अग्रवाल से आगे पूछताछ आवश्यक है। जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट होगी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने EOW की मांग को उचित मानते हुए रामगोपाल अग्रवाल की पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया। अब इस अवधि के दौरान जांच एजेंसी उनसे विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों से आमने-सामने भी पूछताछ कर सकती है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और शराब घोटाला राज्य के सबसे चर्चित आर्थिक मामलों में शामिल है। इन मामलों की जांच पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने की थी, जिसके बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) भी अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि करोड़ों रुपये के कथित अनियमित वित्तीय लेनदेन और भ्रष्टाचार के आरोपों की परतें लगातार खुल रही हैं।
अब सभी की नजर 22 जुलाई पर टिकी है। इस दौरान EOW की पूछताछ में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई पर लगातार नजर बनी हुई है।
