दैनिक मूक पत्रिका बेमेतरा- विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र ढोलिया, बेमेतरा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय बेमेतरा के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर के मार्गदर्शन एवं प्रभारी अधिष्ठाता श्रीमती कुंती बंजारे के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा से आए लीगल एक्सपर्ट अधिवक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को मानवाधिकार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। अधिवक्ता दुर्गा साहू ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने मानवाधिकारों के संबंध में जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। अधिवक्ता आयुष शुक्ला ने राइट टू लाइफ, राइट टू डिग्निटी, मानवाधिकारों की आवश्यकता, भेदभाव, जलवायु अन्याय तथा वर्ष 1993 में मानवाधिकार आयोग की स्थापना के बारे में विस्तार से बताया।
डिप्टी चीफ लीगल एड काउंसिल मोतीलाल वर्मा ने वैधानिक अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता से जीवन जीने का अधिकार आम नागरिकों से लेकर जेल में बंद कैदियों तक सभी पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं तथा मानवाधिकार से संबंधित शिकायत टोल फ्री नंबर 144334 पर ऑनलाइन की जा सकती है। मुख्य विधिक सहायता परामर्शदाता श्री दिनेश तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हर नागरिक को न्याय, सुरक्षा और स्वतंत्रता का अधिकार है। समाज में जाति, लिंग, रंग आदि के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों की रक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए। असिस्टेंट लीगल एड काउंसिल देवेंद्र साहू एवं अधिवक्ता गीता दास ने मानवाधिकार दिवस 2025 की थीम “गरिमा और मानवाधिकारों के लिए होलोकास्ट स्मरण” पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के अधिकारी—श्रीमति राजेश्वरी कुर्रे, श्रीमती प्रतिभा सिंह, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. महानंद साहू, संजीव, डॉ. रामेश्वर पाटिल—तथा सभी कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस प्रकार मानवाधिकार दिवस पर आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुई।
