20 वार्डों वाली पंचायत में जगह की कमी से बैठकें प्रभावित, सीएम से सड़क-पुलिया समेत अन्य विकास कार्यों की भी मांग
बीजापुर। ग्राम पंचायत नैमेड़ में बारिश के दौरान पंचायत भवन परिसर में जलभराव और भवन में जगह की कमी के कारण पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों, सरपंच और वार्ड पंचों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम आवेदन देकर नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में 20 वार्ड हैं, लेकिन मौजूदा भवन में पर्याप्त जगह नहीं है। बारिश के दिनों में पानी भरने से पंचायत की बैठकें आयोजित करने में परेशानी होती है। भवन में रखे फर्नीचर, दस्तावेज और अन्य जरूरी सामग्री के भी खराब होने का खतरा बना रहता है।
सड़क-पुलिया और नाली की भी मांग
नए पंचायत भवन के साथ ग्रामीणों ने सड़क, पुलिया, नाली और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े विकास कार्यों की भी मांग रखी है। इनमें गोठान से गागरुपारा के बीच पुलिया, पेदाकोड़ेपाल से गागरुपारा तक मुरुमीकरण व दो पुलिया, तीन स्थानों पर कुल 900 मीटर सीसी सड़क और पेरमा से चांदनी चौक तक 200 सोलर स्ट्रीट लाइट शामिल हैं।
इसके अलावा बाजार स्थल, बस स्टैंड, पेरमापारा, गागरुपारा, रावापारा और बाजारपारा में नाली निर्माण, 10 दुकानों का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी एवं पुस्तकालय भवन और 150 एकड़ में वृक्षारोपण की मांग की गई है।

तालाबों का गहरीकरण भी प्रस्तावित
ग्रामीणों ने तीन तालाबों के गहरीकरण के साथ पटेलपारा तालाब के मेड़ क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और तालाब के सौंदर्यीकरण की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यों से जल निकासी, जल संरक्षण, आवागमन और प्रकाश व्यवस्था में सुधार होगा।
ग्रामीणों, सरपंच और वार्ड पंचों ने मुख्यमंत्री से स्थानीय जरूरतों के आधार पर प्रस्तावित कार्यों को स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। आवेदन में नवीन पंचायत भवन को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
